मानसून की शुरुआत कमजोर रही। जून 2026 देश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी सूखा रहा और उत्तर-पश्चिम भारत (हरियाणा, पंजाब, राजस्थान) में मानसून की प्रगति भी धीमी रही।
बार-बार 'ब्रेक मानसून' की स्थिति बनी। यानी बारिश देने वाले कम दबाव कम बने या हरियाणा तक मजबूत रूप में नहीं पहुंचे, जिससे सिरसा जैसे पश्चिमी जिलों में बारिश कम हुई।
सिरसा की भौगोलिक स्थिति भी एक कारण है। सिरसा हरियाणा के सबसे शुष्क जिलों में है। यहां सामान्य वार्षिक वर्षा लगभग 318 मिमी होती है और बारिश भी बहुत असमान रूप से होती है। थोड़ी सी मानसूनी कमजोरी का असर यहां ज्यादा दिखाई देता है।
मानसून की पट्टी पूर्व और मध्य भारत में अधिक सक्रिय रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में कई दिनों तक बारिश की गतिविधि कमजोर रही।
हालांकि, जुलाई के मध्य में हरियाणा के कई हिस्सों में मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई थी, इसलिए यदि मजबूत मानसूनी सिस्टम बनते हैं तो सिरसा में भी अच्छी बारिश की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
इस बार सिरसा जिले में बारिश कम होने के पीछे कई मौसम संबंधी कारण रहे हैं ।
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